Skip Navigation Links


न्याय पाने की भाषायी आज़ादी

Author : राजीव गुप्ता      Blog : वसुधैव कुटुम्बकम_      Date : 18-05-2013 17:48:00

'स्वतंत्रता पूर्व भारत मे सरकारी समारोहों में ‘गाड सेव द किंग’ या ‘गाड सेव द क़्वीन’ गाया जाता था. पर्ंतु 15 अगस्त 1947 से उसका स्थान ‘जन-गण-मन-अधिनायक जय हे’ ने लिया. रातोंरात सभी सरकारी भवनो पर से ‘यूनियन जैक’ झंडा उतारकर तिरंगा झंडा लहरा दिया गया. भारत में स्वतंत्रता का जश्न मनाया गया. भारत को यह स्वतंत्रता लाखो स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों की कीमत पर मिली थी. पहली बार भारत के लोगों ने आज़ादी का अर्थ समझा था. देश का संविधान बनाने की प्रक्रिया आरम्भ हो चुकी थी और 26 जनवरी 1950 (...)'

पूरा लेख पढ़ा

वंदेमातरम् : स्वाधीनता प्राप्ति का सिद्ध मंत्र

Author : राजीव गुप्ता      Blog : वसुधैव कुटुम्बकम_      Date : 09-05-2013 19:20:00

'समाजसेवी श्री अन्ना हजारे और बाबा रामदेव के वंदेमातरम्-नाद को अभी देश की जनता भूल भी नही पायी होगी कि श्री अन्ना हजारे और बाबा रामदेव के उसी ‘वंदेमातरम्-नाद’ पर ही विवाद खडा हो गया. 8 मई 2013 को देश की सबसे बडी पंचायत अर्थात लोकसभा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किए जाने से पहले सदन में 'वंदेमातरम्' की धुन बजायी गई. धुन बजने के दौरान संभल से बहुजन समाजवादी पार्टी के माननीय सांसद श्री शफीकुर्रहमान बर्क सदन से उठकर बाहर चले जाते है. लोकसभा अध्यक्षा मीरा कुमार माननीय (...)'

पूरा लेख पढ़ा

पाकिस्तानी हिन्दुओ पर मानवाधिकार मौन

Author : राजीव गुप्ता      Blog : वसुधैव कुटुम्बकम_      Date : 09-04-2013 15:43:00

'मात्र तीन दिन के अपने बेटे को उसके दादा-दादी के पास छोड्कर पाकिस्तान से तीर्थयात्रा वीजा पर भारत आने वाली 30 वर्षीय भारती रोती हुई अपनी व्यथा बताते हुए कहती है कि “अगर मै अपने बेटे का वीजा बनने का इंतज़ार करती तो कभी भी भारत न आ पाती.” 15 वर्षीय युवती माला का कहना है कि पाकिस्तान मे उनके लिये अपनी अस्मिता को बचाये रखना मुश्किल है तो 76 वर्षीय शोभाराम कहते है कि वे भारत मे हर तरह की सजा भुगत लेंगे परंतु अपने वतन पाकिस्तान वापस नही जायेंगे क्योंकि हमारा कसूर यह है कि हम(...)'

पूरा लेख पढ़ा

माँ - एक मार्मिक कहानी

Author : राजीव गुप्ता      Blog : वसुधैव कुटुम्बकम_      Date : 25-03-2013 19:53:00

'एक आँख से अंधी माँ अपने बेटे को स्कूल से लेने गई. उस एक आँख से अंधी माँ को देखकर उसके बेटे की मित्र-मंडली उसकी हँसी उडाने लग गये. परिणामत: उस बच्चे ने शर्मिन्दगी से बचने के लिये अपनी माँ को स्कूल आने के लिये मना कर दिया. वही माँ जो भरी-दुपहरी/ कपकपाती सर्दी मे या खुद बारिश मे भीगकर बेटे को बारिश से बचाकर अपने बेटे का स्कूल-बैग अपनी पीठ पर लादे आती थी, आज उसकी वजह से उसका बेटा तिरष्कृत होता है, बेटे के ये शब्द उसके कानो से कलेजे तक जा पहुँचे. उस माँ का हृदय छलनी-छलनी हो गया. वह (...)'

पूरा लेख पढ़ा

हिन्दू आतंकवाद : मात्र चुनावी शिगूफा

Author : राजीव गुप्ता      Blog : वसुधैव कुटुम्बकम_      Date : 02-02-2013 06:31:00

' विश्व - पटल पर भारत का परचम लहराने वाले स्वामी विवेकानन्द का 150वाँ जन्मदिन, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और रामकृष्ण मिशन के साथ-साथ भारत सरकार भी मना रही है. परन्तु जिस तरह जयपुर के कांग्रेस-चिन्तन शिविर से भारत के गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने  "हिन्दू-आतंकवाद" नाम का चुनावी शिगूफा  छेड़ा, सारा देश सकते में आ गया. गृहमंत्री के इस दुर्भाग्यपूर्ण बयान से देश स्तब्ध है.  मात्र सत्ता पाने के लिए विश्व समुदाय के सामने (...)'

पूरा लेख पढ़ा

आज के दौर मे विवेकानन्द की प्रासंगिकता

Author : राजीव गुप्ता      Blog : वसुधैव कुटुम्बकम_      Date : 12-01-2013 08:22:00

'11 सितम्बर, 1893 ई. को शिकागो के विश्व धर्म सम्मेलन मे भारत का परचम लहराने वाले स्वामी विवेकानन्द का जन्म 12 जनवरी, 1863 ई. मे कलकत्ते (कोलकाता) के शिमलापल्ली नामक मोहल्ले के निवासी श्री विश्वनाथ दत्त और भुवनेश्वरी देवी के घर हुआ. बचपन का इनका नाम नरेन्द्रनाथ दत्त था तथा ये अपने माता-पिता की छठ्वी संतान थे. बच्चो की प्राथमिक पाठशाला माता की गोद ही होती है और उस पाठशाला मे अध्यापन उसकी माता द्वारा ही किया जाता है. माता की उस शिक्षा का प्रभाव बच्चे के मस्तिष्क पर अजीवन रहता है. इस बात(...)'

पूरा लेख पढ़ा

आरक्षण पर राजनीति

Author : राजीव गुप्ता      Blog : वसुधैव कुटुम्बकम_      Date : 18-12-2012 05:48:00

'राज्यसभा द्वारा सोमवार को भारी बहुमत से 117वाँ संविधान विधयेक के पास होते ही पदोन्नति मे आरक्षण विधेयक के पास होने का रास्ता अब साफ हो गया है. अब यह विधेयक लोकसभा मे पेश किया जायेगा. हलांकि इस विषय के चलते भयंकर सर्दी के बीच इन दिनो राजनैतिक गलियारो का तपमान उबल रहा था. परंतु इस विधेयक के चलते यह भी साफ हो गया कि गठबन्धन की इस राजनीति मे कमजोर केन्द्र पर क्षेत्रिय राजनैतिक दल हावी है. अभी एफडीआई का मामला शांत भी नही हुआ था कि अनुसूचित जाति एव जनजाति के लिये पदोन्नति मे आरक्षण के विष(...)'

पूरा लेख पढ़ा

जुगाड - राजनीति के भंवर मे एफडीआई

Author : राजीव गुप्ता      Blog : वसुधैव कुटुम्बकम_      Date : 06-12-2012 09:04:00

'अपनी जुगाड-राजनीति के लिये प्रसिद्ध यू.पी.ए. - 2 सरकार वर्तमान समय मे अपने कार्यकाल के सबसे बुरे दौर से गुजर रही है. लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार के ऐलान के साथ कि एफडीआई मुद्दे पर संसद मे नियम 184 के तहत चर्चा होगी. परिणामत: एफडीआई पर आखिरकार सरकार का रुख नरम पड़ा और संसद मे गतिरोध टूटा. यू.पी.ए.-2 के अहम सहयोगी सपा, बसपा और डीमके जैसे दलो ने वर्तमान सराकार को बचाने हेतु भले ही सशर्त समर्थन देने की बात की हो परंतु आज़ादी के बाद से सत्ताधारी दलो के पास इससे ज्यादा रा(...)'

पूरा लेख पढ़ा

नाम पर होती राजनीति

Author : राजीव गुप्ता      Blog : वसुधैव कुटुम्बकम_      Date : 27-11-2012 12:56:00

'राममनोहर लोहिया अस्पताल, महात्मा गान्धी मार्ग, पटेल चौक, महावीर जयंती पार्क इत्यादि महापुरुषो, देशभक्तो, समाजसेवियो के नाम पर रखे गये दिल्ली के अस्पतालो, सडको, चौको और पार्को का नाम हम देख सकते है जिन्हे पढ्कर निश्चित ही हमे उन देशभक्तो का देश को योगदान याद आता है जिससे हम गौरवान्वित मह्सूस करते है. अगर हम एक नजर अतीत मे डाले तो पायेंगे कि भारत मे “नाम” को लेकर कई दिग्गज देशभक्तो ने भी संघर्ष किये है, परंतु उनकी “नाम-परिवर्तन” के पीछे की मंशा राजनीति न होकर देशभक(...)'

पूरा लेख पढ़ा

Author : राजीव गुप्ता      Blog : वसुधैव कुटुम्बकम_      Date : 21-11-2012 18:16:00

'ऐसा लगता है कि - घोटालेबाज कांग्रेस- सरकार ने अब "फांसी घोटाला" किया ... अपने फायदे के लिए डेंगू से मरे कसाब को फांसी देने की खबर फैला दी .......!!क्योंकि -जब गद्दाफ़ी की घसीटी हुई लाश दिखाई जा सकती है…जब लादेन की फ़ूटी हुई आँख दिखाई जा सकती है…जब सद्दाम के दाँतों का DNA भी देखा जा सकता है…तो फ़िर कसाब की गरदन का निशान क्यों नहीं दिखाया जा सकता??? इतना ताबड़तोड़ दफ़नाना जरूरी था क्या?कसाब द्वारा घायल किए गए "सारे 166 परिवारों" को "पक्का सबूत" चाहिए…..!!ध्यान देने योग्य यह भी है(...)'

पूरा लेख पढ़ा

गुजरात : जैसा मैने देखा

Author : राजीव गुप्ता      Blog : वसुधैव कुटुम्बकम_      Date : 16-11-2012 11:57:00

'पिछ्ले दिनो मुझे गुजरात जाने का अवसर मिला. शहर की चकाचौन्ध से कोसो दूर ग्रामीणो के बीच कई दिनो तक उनके साथ रहने का सौभाग्य प्राप्त हुआ. अभी तक मैने गुजरात के बारे मे अच्छा – बुरा  मात्र मीडिया की माध्यम से ही सुना था परंतु गुजरात की आम-जनता से सम्मुख होने का यह अनुभव मुझे पहली बार प्राप्त हुआ. एक तरफ जहा मीडिया मोदी के जादू के बारे मे अपना आंकलन प्रस्तुत करने की कोशिश करता है तो दूसरी तरफ वह 2002 मे गोधरा मे हुए दंगो से आगे सोच ही नही पा रहा. इसी बीच अमेरिका-ब्रिटेन द्वारा मोदी(...)'

पूरा लेख पढ़ा

चारधाम और देश की अखंडता

Author : राजीव गुप्ता      Blog : वसुधैव कुटुम्बकम_      Date : 26-09-2012 05:03:00

'आद्य शंकराचार्य भारतवर्ष की एक दिव्य विभूति है. उनकी प्रभा आज भी दिग्दिगन्त को आलोकित कर रही है. शंकराचार्य का जन्म दक्षिण भारत के केरल में अवस्थित निम्बूदरीपाद ब्राह्मणों के 'कालडी़ ग्राम' में 788 ई. में हुआ , फिर भी उनकी कीर्ति कौमुदी उसी प्रकार अक्षुण्ण रूप में आज भी भारत के नभोमंडल को उद्भासित कर रही है.   जिस समय यह पवित्र भारत - वर्ष छिन्नता के पंक में धंसा जा रहा था , जब अनाचारी  राक्षस इसे चारों ओर् से घेरे हुए थे , जब एक छोर से दूसरे छोर तक यह सारा देश आलस्य और अक(...)'

पूरा लेख पढ़ा

पैसे तो पेड़ पर उगते नहीं है

Author : राजीव गुप्ता      Blog : वसुधैव कुटुम्बकम_      Date : 22-09-2012 09:18:00

' प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सरकार पर हो रहे चौतरफा हमलो का जबाब देने के लिए अब खुद एक अर्थशास्त्री के रूप में कमान सम्हाल ली है. परन्तु यह भी एक कड़वा सच है कि यूपीए - 2  इस समय अपने कार्यकाल के सबसे बुरे दौर से गुजर रही है. जनता की नजर में सरकार की साख लगातार नीचे गिरती जा रही है. सरकार के हठ के कारण उसके तृणमूल कांग्रेस जैसे अहम् सहयोगी अब सरकार से किनारा तो काट चुके है लेकिन दूसरे सहयोगी भी अवसर की राजनीति खेल(...)'

पूरा लेख पढ़ा

सरकार का अभिव्यक्ति की आज़ादी पर हमला

Author : राजीव गुप्ता      Blog : वसुधैव कुटुम्बकम_      Date : 26-08-2012 09:12:00

'भारत एक लोकतान्त्रिक देश है. लोकतांत्रिक व्यवस्था अपनाने में हम बहुत ही सौभाग्यशाली रहे क्योंकि हमें लोकतंत्र अपनाने के लिए विश्व के अन्य देशों की तरह संघर्ष नहीं करना पड़ा. 1947 में प्राप्त स्वतंत्रता पश्चात  हमारी संविधान सभा ने जिस संविधान को अंगीकार किया उसी (...)'

पूरा लेख पढ़ा

हिन्दू होने की सजा

Author : राजीव गुप्ता      Blog : वसुधैव कुटुम्बकम_      Date : 23-08-2012 08:02:00

'      प्रकृति कभी भी किसी से कोई भेदभाव नहीं करती और इसने सदैव ही इस धरा पर मानव-योनि  में जन्मे सभी मानव को एक नजर से देखा है. हालाँकि मानव ने समय - समय पर अपनी सुविधानुसार दास-प्रथा, रंगभेद-नीति, सामंतवादी इत्यादि जैसी व्यवस्थाओं के आधार पर मानव-शोषण की ऐसी कालिमा पोती है जो इतिहास के पन्नो से शायद ही कभी धुले. समय बदला. लोगो ने ऐसी अत्याचारी व्यवस्थाओं के विरुद्ध आवाज उठाई. विश्व के मानस पटल पर स(...)'

पूरा लेख पढ़ा

देश की एकता-अखंडता खतरे में

Author : राजीव गुप्ता      Blog : वसुधैव कुटुम्बकम_      Date : 21-08-2012 08:22:00

'भारत इस समय किसी बड़ी संभावित साम्प्रदायिक-घटना रूपी ज्वालामुखी के मुहाने पर खड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है. देश की एकता-अखंडता खतरे में पड़ती हुई नजर आ रही है. देश की संसद में भी आतंरिक सुरक्षा को लेकर तथा सरकार की विश्वसनीयता और उसकी कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिंह खड़े किये जा रहे है. सांसदों की चीख-पुकार से सरकार की अब जाकर नीद खुली है. सरकार ने आनन्-फानन में देश में मचे अब तक के तांडव को पाकिस्तान की करतूत बताकर&n(...)'

पूरा लेख पढ़ा

सावरकर आज भी है

Author : राजीव गुप्ता      Blog : वसुधैव कुटुम्बकम_      Date : 15-08-2012 04:53:00

'बच्चो आज 15 अगस्त है. भारतवर्ष में हर साल की इसी तिथि को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता है क्योंकि आज ही के दिन अर्थात 15 अगस्त 1947 को अंग्रेज - सरकार से हम स्वतंत्र हुए थे. हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि यह स्वतंत्रता हमें बहुत आसानी से नहीं मिली अपितु इसको पाने के लिए कई लोगो ने अंग्रेजी - सरकार द्वारा अमानवीय यातनाओं के स्वीकार करते हुए जेल गए तो कई लोगों ने फाँ(...)'

पूरा लेख पढ़ा

उपलब्धियों के बाद भी सपने अधूरे है

Author : राजीव गुप्ता      Blog : वसुधैव कुटुम्बकम_      Date : 15-08-2012 04:51:00

' 15 अगस्त 1945 को जापान के आत्मसमर्पण के साथ द्वितीय विश्व युद्ध हिरोशिमा और नागासाकी के त्रासदी के रूप में कलंक लेकर समाप्त तो हुआ परन्तु जापान पिछले वर्ष आये भूकंप और सूनामी जैसी त्रासदी के बाद भी बिना अपने मूल्यों से समझौता किये राष्ट्रभक्ति, अपनी ईमानदारी और कठिन परिश्रम के आधार पर अखिल विश्व के मानस पटल पर लगभग हर क्षेत्र में गहरी छाप छोड़ता हुआ नित्य-प्रतिदिन आगे बढ़ता जा रहा है. ठीक दो वर्ष बाद 15 अगस्त 1947 को भारतवर्ष ने&nbs(...)'

पूरा लेख पढ़ा

आखिर नरेंद्र मोदी का कसूर क्या है

Author : VISION 2020      Blog : वसुधैव कुटुम्बकम_      Date : 04-08-2012 11:17:00

'                                                          भारत एक लोकतांत्रिक देश है ! अतः संविधान ने भारत की जनता को स्वतंत्र रूप से  अपना प्रधान चुनने की व्यवस्था दी है !(...)'

पूरा लेख पढ़ा

आखिर ये दंगे होते ही क्यों है

Author : VISION 2020      Blog : वसुधैव कुटुम्बकम_      Date : 28-07-2012 06:45:00

' 1948 के बाद भारत में पहला सांप्रदायिक दंगा 1961 में  मध्यप्रदेश के जबलपुर शहर में हुआ ! उसके बाद  से अब तक  सांप्रदायिक दंगो की झड़ी सी लग गयी !  बात चाहे 1969 में गुजरात के दंगो  की हो , 1984 में सिख विरोधी हिंसा की हो, 1987 में मेरठ के दंगे हो जो लगभग दो महीने तक  चला था और कई लोगो ने अपनी जान गंवाई थी,  1989 में हुए भागलपुर - दंगे की बात हो, 1992(...)'

पूरा लेख पढ़ा


garland of Languages of India
an amalgamation of the diversified traditions
gracefully presented with novelty
http://www.haaram.com